भैरव देव जी

भगवान भैरव भगवान शिव के एक अवतार हैं। भैरव शब्द का अर्थ है “भयानक”। वे शत्रुओं के लिए बहुत क्रोधी और अपने भक्तों के लिए दयालु माने जाते हैं। माना जाता है कि भैरव जी की आराधना से शत्रु मुक्ति, संकट और कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में विजय प्राप्त होती है। इसके अलावा इनकी पूजा करने से शनि का प्रकोप भी शांत हो जाता है। कहा जाता है कि रविवार और मंगलवार को काल भैरव की पूजा करना बहुत ही फलदायी होता है।

श्री भैरव देव जी आरती 

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा ।

जय काली और गौर देवी कृत सेवा ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक ।

भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी ।

महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होवे ।

चौमुख दीपक दर्शन दुःख खोवे ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

तेल चटकी दधि मिश्रित भाषावाली तेरी ।

कृपा कीजिये भैरव, करिए नहीं देरी ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

पाँव घुँघरू बाजत अरु डमरू दम्कावत ।

बटुकनाथ बन बालक जल मन हरषावत ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावे ।

कहे धरनी धर नर मनवांछित फल पावे ॥

॥ जय भैरव देवा…॥

श्री भैरव देव जी आरती अंग्रेजी में

Jai Bhairav Deva, Prabhu Jai Bhairav Deva।

Jai Kali Aur Gaura devi Karat Seva॥

॥Jai Bhairav Deva…॥

यहाँ पढ़े: Aarti Shri Bhairav Ji in English

श्री भैरव देव जी आरती PDF Download

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